जैसे-जैसे हम डिजिटल युग में आगे बढ़ रहे हैं, ठगी के तरीके भी उतने ही हाई-टेक होते जा रहे हैं। साल 2026 में डिजिटल लेन-देन और AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के बढ़ते इस्तेमाल ने साइबर अपराधियों को नए हथियार दे दिए हैं। अब स्कैमर्स सिर्फ साधारण कॉल नहीं करते, बल्कि तकनीक का सहारा लेकर बेहद सफाई से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं।
अगर आप अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो इस साल सक्रिय इन 5 प्रमुख स्कैम्स के बारे में जानना आपके लिए बेहद जरूरी है।
1. AI वॉइस और डीपफेक स्कैम
यह साल 2026 का सबसे डराने वाला स्कैम बनकर उभरा है। इसमें अपराधी AI की मदद से आपके किसी दोस्त, रिश्तेदार या बॉस की आवाज और चेहरे (Video Call) की हूबहू नकल तैयार करते हैं। वे किसी इमरजेंसी का बहाना बनाकर आपसे तुरंत पैसों की मांग करते हैं। आवाज इतनी असली लगती है कि लोग बिना सोचे-समझे पैसे ट्रांसफर कर देते हैं।
सावधानी: जब भी कोई करीबी फोन पर अचानक पैसे मांगे, तो कॉल काटकर खुद उन्हें दूसरे नंबर से फोन करें और सच्चाई का पता लगाएं।
2. फर्जी निवेश और क्रिप्टो स्कीम
आजकल सोशल मीडिया पर ‘पैसा डबल’ करने या ‘AI ट्रेडिंग बॉट’ से लाखों कमाने वाले विज्ञापनों की भरमार है। स्कैमर्स WhatsApp ग्रुप्स के जरिए आपको भारी मुनाफे का लालच देते हैं। शुरू में वे आपको थोड़ा प्रॉफिट दिखाकर भरोसा जीतते हैं, लेकिन जैसे ही आप बड़ी रकम निवेश करते हैं, वे गायब हो जाते हैं।
3. फर्जी सरकारी मैसेज और KYC स्कैम
ठग अक्सर PAN कार्ड अपडेट, Aadhaar लिंक करने या बैंक KYC के नाम पर डराने वाले मैसेज भेजते हैं। इसमें चेतावनी दी जाती है कि यदि आपने तुरंत दिए गए लिंक पर क्लिक नहीं किया, तो आपका अकाउंट बंद हो जाएगा। लिंक पर क्लिक करते ही आपकी निजी जानकारी और OTP ठगों के पास पहुँच जाता है।
4. ऑनलाइन शॉपिंग और डिलीवरी फ्रॉड
सस्ते सामान का लालच देकर नकली ई-कॉमर्स वेबसाइट्स बनाई जा रही हैं। लोग पेमेंट तो कर देते हैं, लेकिन सामान कभी डिलीवर नहीं होता। इसके अलावा, आजकल ‘फेक डिलीवरी कॉल’ का चलन भी बढ़ा है, जहाँ पार्सल के बहाने आपको एक APK फाइल (ऐप) डाउनलोड करने को कहा जाता है, जिससे आपके फोन का पूरा कंट्रोल हैकर्स के पास चला जाता है।
5. सोशल मीडिया इम्पर्सोनेशन स्कैम
Instagram और Facebook पर नामी हस्तियों या बड़ी कंपनियों के नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाकर ‘गिवअवे’ या ‘लॉटरी’ जीतने का झांसा दिया जाता है। गिफ्ट भेजने के नाम पर आपसे ‘प्रोसेसिंग फीस’ या बैंक डिटेल्स मांगी जाती हैं। किसी भी अनवेरिफाइड प्रोफाइल के साथ अपनी बैंकिंग जानकारी साझा करना जोखिम भरा हो सकता है।
साइबर ठगी से बचने के लिए क्या करें?
अपनी सुरक्षा के लिए इन नियमों का पालन करें:
- क्रॉस-वेरिफिकेशन: किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज आने पर सीधे संबंधित व्यक्ति या बैंक से संपर्क करें।
- अनजान लिंक से दूरी: अनजान SMS या ईमेल में आए लिंक और QR कोड को कभी स्कैन न करें।
- OTP और पिन: याद रखें कि बैंक या कोई भी सरकारी विभाग कभी भी फोन पर आपसे OTP, पासवर्ड या पिन नहीं मांगता।
- ऐप्स की जांच: फोन में कोई भी अनजान ऐप (खासकर APK फाइल) इंस्टॉल न करें।
नोट: यदि आप किसी भी प्रकार के फ्रॉड का शिकार होते हैं, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या उनकी वेबसाइट पर रिपोर्ट दर्ज कराएं।





