Photo Credit: ESA/Webb, NASA & CSA, G. Östlin, P. G. Perez-Gonzalez, J. Melinder, the JADES Collaboration, M. Zamani
दशकों से खगोलशास्त्री आकाशगंगाओं (Galaxies) के बनने की प्रक्रिया को समझने में जुटे हैं, इसी खोज में नासा के जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (JWST) ने एक ऐसी गैलेक्सी खोज निकाली है जिसका दोहरा व्यक्तित्व है। इसे वैज्ञानिकों ने ‘जीकिल एंड हाइड’ (Jekyll and Hyde) नाम दिया है।
‘वर्जिल’ नाम की यह गैलेक्सी ऊपर से देखने में बहुत शांत और सामान्य लगती है, जहां नए तारे बन रहे हैं। लेकिन इसके धूल भरे केंद्र में एक अत्यंत विशाल यानी सुपरमैसिव ब्लैक होल छिपा है, जो भारी मात्रा में ऊर्जा उगल रहा है।
इस गैलेक्सी को ‘जीकिल एंड हाइड’ इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि इसके दो रूप हैं। साधारण टेलिस्कोप से देखने पर यह एक साधारण गैलेक्सी की तरह ‘अच्छी’ और शांत दिखती है, लेकिन इसके भीतर छिपा असली चेहरा कुछ और ही है।
इस खोज की सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह ब्लैक होल अपनी गैलेक्सी के आकार के हिसाब से बहुत ज्यादा बड़ा है। इसे ‘ओवरमैसिव’ (Overmassive) ब्लैक होल की श्रेणी में रखा गया है। यह खोज विज्ञान के उन पुराने मॉडलों को चुनौती देती है जो कहते हैं कि गैलेक्सी और ब्लैक होल हमेशा एक ही गति से साथ-साथ विकसित होते हैं।
नासा की रिपोर्ट के अनुसार, जेम्स वेब के मिड-इंफ्रारेड इंस्ट्रूमेंट (MIRI) ने वर्जिल के इस भयानक रूप का खुलासा किया है। यूनिवर्सिटी ऑफ एरिजोना के टीम लीडर जॉर्ज रिकी ने बताया कि पराबैंगनी (UV) और ऑप्टिकल लाइट में इस गैलेक्सी का केवल शांत पक्ष ही दिखता है, लेकिन MIRI डेटा ने इसके ब्लैक होल की तीव्र ऊर्जा को पकड़ लिया।
वैज्ञानिकों का मानना है कि ब्रह्मांड में ऐसी कई और आकाशगंगाएं हो सकती हैं जिन्हें हम अब तक साधारण समझते रहे हैं, लेकिन उनके भीतर ऐसे ही विशाल ब्लैक होल छिपे हो सकते हैं।
वर्जिल गैलेक्सी शुरुआती ब्रह्मांड की उन गैलेक्सीज की श्रेणी में आती है जिन्हें ‘लिटिल रेड डॉट्स’ कहा जाता है। जेम्स वेब ने ऐसी कई गैलेक्सी खोजी हैं जो बिग बैंग के लगभग 600 मिलियन (60 करोड़) साल बाद दिखाई दी थीं।
वर्जिल गैलेक्सी से जुड़ी मुख्य बातें:
| विशेषता | विवरण |
| नाम | वर्जिल (Virgil) |
| उपनाम | ‘जीकिल एंड हाइड’ गैलेक्सी |
| स्थिति | बिग बैंग के 600 मिलियन साल बाद की |
| खासियत | जरूरत से ज्यादा बड़ा (Overmassive) ब्लैक होल |
| उपकरण | नासा का MIRI (Mid-Infrared Instrument) |
ये ‘लिटिल रेड डॉट्स’ वाली गैलेक्सी ब्रह्मांड के जन्म के 2 अरब साल बाद गायब होने लगती हैं। स्पेस टेलीस्कोप साइंस इंस्टीट्यूट के पियरलुइगी रिनाल्डी के अनुसार, MIRI हमें वह ब्रह्मांड दिखा रहा है जो पहले कभी नहीं देखा गया।
वर्जिल जैसी गैलेक्सी की खोज से यह स्पष्ट हो गया है कि जेम्स वेब टेलीस्कोप ब्रह्मांड के उन अदृश्य रहस्यों और ‘राक्षसों’ को सामने लाने में माहिर है, जो अब तक हमारी नजरों से ओझल थे। इससे शुरुआती ब्रह्मांड के विकास को समझने में वैज्ञानिकों को नई दिशा मिलेगी।
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